किसानों से लूट पर कलेक्टर की सख्त कार्रवाई: यूरिया कालाबाजारी करने वाले उर्वरक व्यापारी पर एफ.आई.आर…

ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों से लूट और यूरिया की कालाबाजारी करने वालों पर कलेक्टर की बड़ी कार्रवाई…

बड़वानी || 31दिसंबर 2025 || {समीर शेख}-: कलेक्टर श्रीमती जयति सिंह द्वारा किसानों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए उर्वरक की कालाबाजारी करने वाले व्यापारी पर सख्त कार्रवाई की गई है। ग्राम खोखरी में आयोजित चौपाल के दौरान किसानों ने यूरिया अधिक दाम पर बेचे जाने की शिकायत की थी।

शिकायत के बाद विकासखंड सेंधवा के उर्वरक निरीक्षक द्वारा 27 दिसंबर को किसानों के कथन लिए गए। जांच में सामने आया कि मेसर्स महेश्वरी कृषि सेवा केंद्र, धवली के प्रोपराइटर श्री कृष्णकांत पिता प्रभुलाल माहेश्वरी द्वारा शासन द्वारा निर्धारित ₹266.50 प्रति बैग की जगह ₹450 प्रति बैग की दर से यूरिया बेचा गया। किसान से दो बैग के बदले ₹900 वसूले गए, जबकि बिल भी नहीं दिया गया।

प्रोपराइटर को दूरभाष पर मौके पर उपस्थित होने को कहा गया, लेकिन वे उपस्थित नहीं हुए।
इसके बाद 29 दिसंबर को राजस्व एवं कृषि विभाग के संयुक्त दल ने फर्म का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उर्वरक से संबंधित कोई भी वैध दस्तावेज नहीं पाए गए।

गोदाम में विभिन्न कंपनियों के कुल 257 बैग उर्वरक अवैध रूप से भंडारित पाए गए, जिनकी अनुमानित कीमत ₹1,71,900 है। इसके अलावा बिना POS मशीन के उर्वरक वितरण किया जा रहा था, जो शासन के नियमों के खिलाफ है। स्टॉक रजिस्टर अपूर्ण पाया गया और आज दिनांक तक किसी प्रकार के वैध बिल भी नहीं काटे गए थे।

प्रकरण में उर्वरक नियंत्रण अधिनियम 1985 की धाराओं का उल्लंघन पाए जाने पर मेसर्स महेश्वरी कृषि सेवा केंद्र के प्रोपराइटर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है।

इस कार्रवाई के दौरान अनुविभागीय कृषि अधिकारी सेंधवा श्री व्ही.एस. बौद्ध, तहसीलदार वरला श्री अजय चौहान, नायब तहसीलदार श्री संतोष कोठारी, उर्वरक निरीक्षक, सुश्री अंकिता बरडे (विकासखंड सेंधवा) एवं वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी श्री भारत सिंह पटेल उपस्थित रहे।

यूरिया (Urea) को पहचानने के आसान और सही तरीके किसान भाइयों के लिए असली यूरिया पहचानना बहुत ज़रूरी है, ताकि नकली या मिलावटी खाद से बचा जा सके। नीचे सरल व व्यावहारिक तरीके दिए गए हैं|

👇✅ 1. दाने देखकर पहचान असली यूरिया के दाने सफेद, चमकदार और लगभग समान आकार के होते हैं। नकली यूरिया के दाने पीले, भूरे, टूटे-फूटे या असमान हो सकते हैं।

✅ 2. पानी में घोलकर जांच एक गिलास पानी में एक चम्मच यूरिया डालें। असली यूरिया तुरंत और पूरी तरह घुल जाता है। अगर तलछट (मिट्टी जैसा पदार्थ) रह जाए तो वह मिलावटी हो सकता है।

✅ 3. हथेली पर रखकर यूरिया हथेली पर रखने से ठंडक महसूस होती है। नकली में ठंडक कम या नहीं होती।

✅ 4. गरम करने पर थोड़ी मात्रा लोहे की प्लेट पर गरम करें। असली यूरिया पिघलता है और हल्की अमोनिया जैसी गंध आती है। नकली में जलने जैसी बदबू या राख बच जाती है।

✅ 5. बोरी (बैग) से पहचान बोरी पर यह जरूर देखें:IFFCO / KRIBHCO / NFL जैसी कंपनी का नाम45% Nitrogen (N) लिखा होबैच नंबर, निर्माण तिथि, सील सही हो, बिना नाम या खुले ढीले में बेचा गया यूरिया न लें।

⚠️ सावधानीयूरिया हमेशा सरकारी लाइसेंस वाले विक्रेता से ही खरीदें। ज्यादा दाम या खुले में बेचना अवैध है। शक होने पर कृषि विभाग या कलेक्टर कार्यालय में शिकायत करें।

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