फर्जी बिलों के आधार पर जीएसटी के सैकड़ों करोडो रुपये की लूटे; रैकेट में शामिल कर्मचारीयोके नाम से कम्पनियां…
नागपुर || 28 मई 2025 || {विट्ठल भालेराव} -: राष्ट्रीयकृत और निजी क्षेत्र के बैंकों में 106 फर्जी खातों का इस्तेमाल एक रैकेट में किया गया, जिसमें फर्जी बिलों के आधार पर सरकार को सैकड़ों करोड़ रुपये का चूना लगाया गया। ये खाते रैकेट के मास्टरमाइंड बंटी साहू और उसके भाई जयेश साहू द्वारा चलाए जा रहे थे।
ये दोनों फर्जी कंपनियों के जरिए हर दिन करोड़ों रुपए का गबन करते थे। हैरानी की बात यह है कि आरोपियों ने बिना किसी को बताए अपने कार्यालय में काम करने वाले कर्मचारियों के नाम पर फर्जी कंपनियां बना ली थीं।
साहू बंधुओं ने 86 कंपनियों के जरिए करीब 800 करोड़ रुपये के फर्जी बिल बनाए हैं। यह धोखाधड़ी बिना कोई माल बेचे फर्जी बिल बनाकर की गई। इस रैकेट से बिल खरीदने वाले लोग बिल की राशि आरोपी के खाते में जमा कर देते थे। खाते से पैसे निकालने और अपना कमीशन काटने के बाद आरोपी शेष राशि बिल खरीदार को नकद लौटा देते थे। खातों से पैसे निकालने के लिए आठ से दस विश्वसनीय लोगों को नियुक्त किया गया था।
बंटी के कार्यालय में 25 कर्मचारी थे। कर्मचारी सुनील वानखेड़े और दिलीप फुलझेले भी वहां काम करते थे। उनके बयान अपराध शाखा द्वारा दर्ज किये गये हैं।
उनके घोटाले का एक और चौंकाने वाला पहलू
यह बात सामने आ गई है। साहू ने उनकी जानकारी के बिना फर्जी कंपनियां खोलीं। साक्षी स्टील नामक कंपनी वानखेड़े के नाम पर पंजीकृत है, जबकि सोनू ग्लास ट्रेडर्स फुलझेले के नाम पर पंजीकृत कंपनी है। धोखाधड़ी से करोड़ों रुपए कमाने के बावजूद बंटी ने दोनों कर्मचारियों को वेतन भी नहीं दिया।
