भोपाल/सेंधवा || ता. 21 जुलाई 2026 || (समीर शेख)-: मध्यप्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन सेंधवा विधानसभा क्षेत्र की जनसमस्याओं को प्रमुखता से उठाते हुए विधायक मोंटू सोलंकी ने किसानों, आदिवासियों, विद्यार्थियों एवं आमजन से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सरकार का ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने प्रश्नों एवं ध्यानाकर्षण सूचनाओं के माध्यम से क्षेत्र के विकास और जनहित से जुड़े विषयों पर त्वरित कार्रवाई की मांग की।
विधानसभा में विधायक मोंटू सोलंकी ने माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना के तहत वनभूमि पर कृषि करने वाले आदिवासी किसानों को सिंचाई सुविधा से वंचित किए जाने का मुद्दा उठाया। उन्होंने मांग की कि पात्र आदिवासी कृषकों को भी योजना का लाभ दिया जाए ताकि वे सिंचाई सुविधाओं से जुड़ सकें।
उन्होंने वन अधिकार अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन का विषय भी मजबूती से रखा। विधायक ने बताया कि सेंधवा विधानसभा क्षेत्र में 8,500 से अधिक पात्र आदिवासी एवं वनभूमि पर खेती करने वाले किसान आज भी व्यक्तिगत वन अधिकार पट्टों से वंचित हैं। साथ ही जो किसान ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया से छूट गए हैं, उनके लिए विशेष सर्वे कर ऑनलाइन अथवा ऑफलाइन आवेदन स्वीकार करने की व्यवस्था की जाए। उन्होंने लंबित सामुदायिक वन अधिकार पट्टा प्रकरणों का भी उल्लेख करते हुए पात्र हितग्राहियों को शीघ्र व्यक्तिगत एवं सामुदायिक वन अधिकार पट्टे प्रदान करने की मांग की।
क्षेत्रीय विकास कार्यों का मुद्दा उठाते हुए विधायक सोलंकी ने वर्ष 2025-26 में स्वीकृत रूलीबड़–हाथीबुडिया मार्ग, खुरमाबाद–नावनी मार्ग, चिलारिया–पलासपानी मार्ग तथा सेंधवा-वरला ब्रिज के समीप सर्विस रोड निर्माण कार्यों के अब तक प्रारंभ नहीं होने पर सवाल उठाया। उन्होंने संबंधित विभागों को शीघ्र निर्माण कार्य शुरू कराने के निर्देश देने की मांग की।
शिक्षा के क्षेत्र में भी विधायक ने कई महत्वपूर्ण मुद्दे विधानसभा में रखे। छात्रावासों में विद्यार्थियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए हॉस्टलों की सीटें बढ़ाने की आवश्यकता बताई। इसके अलावा सेंधवा क्षेत्र में शिक्षकों की भारी कमी, एकल शिक्षक एवं शिक्षकविहीन स्कूलों की स्थिति, शिक्षकों के स्थानांतरण और उपलब्धता तथा जर्जर स्कूल भवनों की मरम्मत एवं नए भवन निर्माण में हो रही देरी का मुद्दा भी सदन में उठाया गया।
विधायक मोंटू सोलंकी ने कहा कि सेंधवा विधानसभा की जनता से जुड़े हर महत्वपूर्ण विषय को विधानसभा में मजबूती के साथ रखा जा रहा है। किसानों, आदिवासियों, विद्यार्थियों, युवाओं और आम नागरिकों के अधिकारों एवं विकास से जुड़े मुद्दों पर सरकार से जवाबदेही और त्वरित कार्रवाई की मांग की गई है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि क्षेत्र के विकास और जनता के हितों की आवाज विधानसभा में लगातार बुलंद होती रहेगी।
