निहाली के भोंगर्या हाट में बिखरे आदिवासी संस्कृति के रंग, ढोल की थाप पर थिरके युवा जिलाध्यक्ष राहुल सोलंकी…
राजपुर/बड़वानी || दि.02 मार्च 2026 || (समीर शेख)-: तहसील राजपुर के ग्राम पंचायत निहाली में आदिवासी समाज के पारंपरिक और सांस्कृतिक महापर्व ‘भोंगर्या हाट’ का भव्य एवं उत्साहपूर्ण आयोजन किया गया। रंग-बिरंगी पारंपरिक वेशभूषा, ढोल-मांदल की गूंज और हजारों ग्रामीणों की मौजूदगी ने पूरे क्षेत्र को उत्सवमय बना दिया।
इस अवसर पर मध्य प्रदेश आदिवासी विकास परिषद (युवा प्रभाग) के जिला अध्यक्ष राहुल सोलंकी विशेष रूप से शामिल हुए। उनके आगमन से युवाओं में खासा उत्साह देखने को मिला।
30 से अधिक ढोलों की गूंज से गूंजा हाट परिसर
भोंगर्या हाट की पहचान पारंपरिक ढोल और मांदल की थाप से होती है। इस वर्ष लगभग 30 से 32 ढोल मंडलियों ने अपनी प्रस्तुति से माहौल को जीवंत कर दिया। युवा जिलाध्यक्ष राहुल सोलंकी ने स्वयं ढोल बजाकर परंपरा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई। वे युवाओं के साथ कदम से कदम मिलाकर पारंपरिक नृत्य में शामिल हुए। उनका यह जमीनी और ऊर्जावान अंदाज लोगों को खूब पसंद आया और ग्रामीणों ने तालियों से उनका स्वागत किया।

“भोंगर्या हमारी पहचान है” — राहुल सोलंकी
इस मौके पर राहुल सोलंकी ने कहा कि भोंगर्या केवल एक हाट नहीं, बल्कि आदिवासी समाज की सांस्कृतिक पहचान और पूर्वजों की अमूल्य धरोहर है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपनी परंपराओं और संस्कृति को सहेजते हुए नई पीढ़ी तक पहुंचाने का संकल्प लें। उनके संबोधन से उपस्थित युवाओं में गौरव और जिम्मेदारी की भावना और मजबूत हुई।
झूले, पारंपरिक पकवान और सांस्कृतिक संगम
हाट में विशाल झूलों, पारंपरिक पकवानों और आकर्षक आदिवासी वेशभूषा का अनूठा संगम देखने को मिला। ग्रामीणों ने खरीदारी के साथ-साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी भरपूर आनंद लिया। ढोलों की गूंज, सामूहिक नृत्य और समाज की एकजुटता ने निहाली के भोंगर्या हाट को यादगार और ऐतिहासिक बना दिया।
भोंगर्या हाट ने एक बार फिर साबित किया कि आदिवासी संस्कृति आज भी अपनी जड़ों से जुड़ी हुई है और युवा नेतृत्व के साथ नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ रही है।
