EMRS स्कूलों में कथित लापरवाही और छात्राओं की मौत के विरोध में पाटी थाना घेराव; सर्व आदिवासी समाज ने न्यायिक जांच, कार्रवाई और दोषियों पर FIR की मांग; 8 दिन का अल्टीमेटम
बड़वानी/पाटी || ता. 27 जुलाई 2026 || (समीर शेख)-: एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय (EMRS) पाटी की कक्षा 11वीं की छात्रा बिंदु (पिता खुमसिंह, निवासी वेदपुरी) की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत तथा EMRS निवाली से जुड़े गंभीर मामलों को लेकर सोमवार को पाटी थाना परिसर में सर्व आदिवासी समाज, जयस एवं मध्यप्रदेश आदिवासी विकास परिषद के संयुक्त तत्वावधान में विशाल विरोध प्रदर्शन एवं थाना घेराव किया गया। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में समाजजन, युवा एवं विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी शामिल हुए।

प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि छात्रा की मौत के मामले में प्रशासन ने निष्पक्ष कार्रवाई नहीं की, साक्ष्यों से छेड़छाड़ की गई तथा पीड़ित परिवार के साथ दुर्व्यवहार किया गया। उन्होंने पूरे मामले की उच्चस्तरीय न्यायिक जांच की मांग करते हुए दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए मध्यप्रदेश आदिवासी विकास परिषद (युवा प्रभाग) के बड़वानी जिलाध्यक्ष राहुल सोलंकी ने जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि विभिन्न मामलों में कार्रवाई के दोहरे मापदंड अपनाए जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सेंधवा के एक स्कूल में मामूली घटना पर तत्काल प्रशासनिक कार्रवाई की गई, जबकि EMRS विद्यालयों में सामने आए गंभीर मामलों के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों पर अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि करोड़ों रुपये के बजट वाले EMRS संस्थानों में गंभीर प्रशासनिक लापरवाही और अनियमितताओं को नजरअंदाज किया जा रहा है।
राहुल सोलंकी ने EMRS निवाली छात्रावास से जुड़े एक कथित POCSO प्रकरण का भी उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि मामले में विधिसम्मत कार्रवाई के बजाय समझौते का प्रयास किया गया। उन्होंने मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
ज्ञापन में प्रमुख मांगें
- पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष न्यायिक जांच कराई जाए।
- जांच पूरी होने तक संबंधित हॉस्टल वार्डन, EMRS प्राचार्य तथा पाटी थाना प्रभारी को पद से हटाया अथवा निलंबित किया जाए।
- पीड़ित परिवार के साथ कथित दुर्व्यवहार, धमकी एवं जबरन हस्ताक्षर कराने के आरोपों की जांच कर संबंधित अधिकारियों पर FIR दर्ज की जाए।
- पीड़ित परिवार को उचित आर्थिक सहायता एवं सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए।
प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन को 7 से 8 दिनों का अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी कि यदि निर्धारित समय सीमा में जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन पूरे बड़वानी जिले में विस्तारित किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।
इस दौरान मध्यप्रदेश आदिवासी विकास परिषद (युवा प्रभाग) के जिलाध्यक्ष राहुल सोलंकी, जयस प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. राजू पटेल, संभाग सचिव सतीश डोडवा, जिला प्रभारी मुन्ना मोरे, NSUI के विजय सोलंकी, देव जमरे, पाटी जयस ब्लॉक अध्यक्ष भूपेंद्र बघेल, दलित जागृति संगठन की नारी नासरी बाई, बिलाती बाई सहित बड़ी संख्या में समाजजन एवं युवा उपस्थित रहे।
