बड़वानी में संदिग्ध मौत से गरमाया अवैध रेत उत्खनन का मामला….

बड़वानी में संदिग्ध मौत से गरमाया अवैध रेत उत्खनन का मामला….

पिपलूद की रेत खदान धंसने से युवक की मौत का आरोप, परिजनों ने जबरन मजदूरी कराने की भी कही बात

बड़वानी || दि. 25 जुन 2026 (समीर शेख)-: जिले के ग्राम पिपलूद में 25 वर्षीय युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के मामले ने अवैध रेत उत्खनन को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिला अस्पताल पहुंचे मृतक के परिजनों ने युवक के मिट्टी से सने शव को देखकर आरोप लगाया कि उसकी मौत रेत खदान में काम के दौरान मिट्टी धंसने से हुई है। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि युवक को कई बार उसकी इच्छा के विरुद्ध मजदूरी के लिए ले जाया जाता था।

मृतक की पहचान बावनगजा निवासी बबलू (25 वर्ष) के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, बबलू को मजदूरी के लिए अक्सर बुलाया जाता था। घटना वाले दिन भी उसे ग्राम पिपलूद स्थित रेत खदान में काम करने के लिए ले जाया गया था। आरोप है कि रेत निकालने के दौरान मिट्टी का बड़ा हिस्सा अचानक ढह गया, जिससे बबलू मलबे में दब गया।

बताया गया कि घटना के बाद वहां मौजूद साथी मजदूर उसे गंभीर अवस्था में जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। युवक की असामयिक मौत से परिवार में शोक का माहौल है।

भाई ने लगाए जबरन मजदूरी के आरोप

मृतक के भाई ने आरोप लगाया कि बबलू को कई बार उसकी इच्छा के विरुद्ध मजदूरी के लिए ले जाया जाता था। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। परिजनों का कहना है कि यदि रेत खदान में अवैध रूप से उत्खनन हो रहा था, तो वहां काम कराने वालों और खदान संचालकों की भूमिका की भी जांच की जानी चाहिए।

पुलिस ने मर्ग कायम कर शुरू की जांच

बड़वानी पुलिस के शहर कोतवाली थाना प्रभारी बलजीत सिंह बिसेन ने बताया कि युवक की मौत की सूचना मिलते ही पुलिस जिला अस्पताल पहुंची। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। उन्होंने कहा कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

अवैध रेत खनन पर उठे सवाल

इस घटना के बाद क्षेत्र में अवैध रेत उत्खनन को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। यदि पिपलूद क्षेत्र में अवैध रूप से रेत खदान संचालित हो रही थी, तो प्रशासन और खनिज विभाग को इसकी जानकारी क्यों नहीं मिली? आखिर किसके संरक्षण में रेत का अवैध उत्खनन चल रहा था?

परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन निष्पक्ष जांच के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों और जिम्मेदार व्यक्तियों की भूमिका स्पष्ट हो सकेगी। अब लोगों की निगाहें पुलिस जांच और प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं।

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