कर चोरी करने वालों की अब खैर नहीं, सूचना मिलते ही होगी कार्रवाई…..
बड़वानी || ता. 27 अगस्त 2026 || (समीर शेख)-: कर चोरी पर अंकुश लगाने के लिए राज्य कर विभाग, मध्यप्रदेश के वृत्त सेंधवा ने आमजन और करदाताओं से कर चोरी की गतिविधियों की सूचना विभाग को देने की अपील की है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि कर चोरी की सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। विभाग का कहना है कि कर चोरी की जानकारी देकर नागरिक राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भागीदारी निभा सकते हैं।
राज्य कर विभाग द्वारा आमजन से विशेष रूप से ऐसी गतिविधियों पर नजर रखने की अपील की गई है, जिनमें व्यवसायी या करदाता जीएसटी नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं। विभाग के अनुसार, सेवा प्रदाताओं का वार्षिक कारोबार ₹20 लाख तथा वस्तुओं के विक्रेताओं का वार्षिक कारोबार ₹40 लाख या उससे अधिक होने के बावजूद जीएसटी में पंजीकृत नहीं होने वाले अपंजीकृत व्यवसायियों की जानकारी विभाग को दी जा सकती है।
इसके अलावा ऐसे पंजीकृत करदाता, जो ₹500 से अधिक की बिक्री पर नियमित रूप से बिल जारी नहीं करते, उनके संबंध में भी सूचना देने की अपील की गई है। विभाग ने ऐसे कम्पोजीशन डीलरों को भी चिन्हित करने की बात कही है, जो नियमानुसार पात्र नहीं होने के बावजूद विक्रय बिल पर जीएसटी चार्ज कर रहे हैं।
बिना ई-वे बिल परिवहन पर भी नजर…
राज्य कर विभाग ने ऐसे ट्रांसपोर्टरों के संबंध में भी सूचना देने को कहा है, जो बिना वैध दस्तावेज अथवा ई-वे बिल के माल का अनाधिकृत परिवहन कर रहे हैं। इसके साथ ही ऐसे पंजीकृत करदाता, जो भुगतान प्राप्त करने के लिए अलग-अलग नामों के एक से अधिक क्यूआर कोड का उपयोग करते हैं अथवा ग्राहकों को पक्का बिल उपलब्ध नहीं कराते, उनकी जानकारी भी विभाग को दी जा सकती है।
ऑनलाइन दे सकते हैं कर चोरी की सूचना..
विभाग द्वारा कर चोरी की सूचना देने के लिए राज्य कर विभाग के आधिकारिक पोर्टल MPTAX.MP.GOV.IN पर “Provide Tax Evasion Information” मॉड्यूल सक्रिय किया गया है। नागरिक इस मॉड्यूल के माध्यम से लॉगिन कर कर चोरी से संबंधित जानकारी विभाग तक पहुंचा सकते हैं।
विभाग ने आमजन से अपील की है कि यदि उनके आसपास इस प्रकार की कर चोरी या जीएसटी नियमों के उल्लंघन से संबंधित गतिविधियां सामने आती हैं, तो उसकी सूचना विभाग को दें। विभाग के अनुसार, सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
राज्य कर विभाग का कहना है कि कर चोरी रोकना केवल सरकारी विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सहभागिता से ही कर व्यवस्था को मजबूत बनाया जा सकता है। कर चोरी की सूचना देकर नागरिक सीधे तौर पर राजस्व बढ़ाने और राष्ट्र निर्माण में योगदान दे सकते हैं।
