किसान कांग्रेस के प्रयासों से बलवाड़ी कृषि उपज मंडी में पुनः शुरू हुई नीलामी प्रक्रिया..
किसानों को मिला ₹1631 प्रति क्विंटल का भाव, किसानों में खुशी की लहर…
बलवाड़ी (बड़वानी) || दि. 14 अक्टूबर 2025 || (समीर शेख)-: कई वर्षों से बंद पड़ी बलवाड़ी कृषि उपज मंडी में आज से नीलामी प्रक्रिया पुनः प्रारंभ हो गई। यह ऐतिहासिक कदम किसान कांग्रेस जिला अध्यक्ष श्री सिलदार सोलंकी के नेतृत्व में किसानों के निरंतर संघर्ष और दबाव का परिणाम माना जा रहा है।
सुबह किसान कांग्रेस के जिला अध्यक्ष श्री सोलंकी अपने साथियों के साथ बलवाड़ी मंडी पहुँचे, जहाँ उन्होंने मंडी प्रशासन की अनियमितताओं और लापरवाहियों पर कड़ी आपत्ति जताई। मौके पर वरला तहसीलदार को बुलाकर किसान कांग्रेस ने तत्काल नीलामी शुरू करने की मांग रखी। प्रशासन की सहमति के बाद मंडी परिसर में मक्के की नीलामी प्रक्रिया शुरू हुई, जिसमें किसानों को ₹1631 प्रति क्विंटल का भाव प्राप्त हुआ।
इस अवसर पर श्री सिलदार सोलंकी ने कहा —
“कई वर्षों से बलवाड़ी मंडी बंद पड़ी थी, जिससे किसानों को अपनी उपज औने-पौने दामों पर बाहर बेचनी पड़ती थी। यह किसानों के साथ खुली लूट थी। आज किसान कांग्रेस के प्रयासों से नीलामी शुरू हुई है, जिससे किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिला है। किसान कांग्रेस बड़वानी का संघर्ष तब तक जारी रहेगा, जब तक जिले की हर मंडी में पारदर्शी और न्यायपूर्ण व्यवस्था लागू नहीं हो जाती।”
नीलामी शुरू होने के बाद किसानों में खुशी और संतोष का माहौल देखा गया। क्षेत्र के किसानों ने किसान कांग्रेस जिला अध्यक्ष श्री सिलदार सोलंकी और उनकी टीम के प्रति आभार व्यक्त किया।
इस मौके पर वरिष्ठ कांग्रेस नेता संजय मंडलोई, अनिल रावत, भायलाल डावर (विधायक प्रतिनिधि), प्रदीप (पप्पू) चौरसिया ब्लॉक अध्यक्ष कांग्रेस कमेटी, गिलदार कन्नौजे सरपंच बलवाड़ी, शमशेर चौहान, रूपेश जैन, गुच्छा जमरा, दुरसिंह पटेल, अजय द्विवेदी, आकाश पवार, खुमसिंग अच्छाले, दिनेश, वाहरसिंग, मुकेश डावर, आकाश तरोले, शोभाराम भुगवाडे (पूर्व सरपंच), किशोर राठौड़, अटल सरपंच, परसराम सेनानी, शोभाराम पटेल, अधिवक्ता चेनसिंह अच्छाले, चंपालाल बड़ोले (ज.प. सदस्य), महेंद्र सेनानी सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।
बलवाड़ी क्षेत्र के किसानों ने कहा कि अब मंडी के पुनः शुरू होने से उन्हें अपने गांव के पास ही न्यायपूर्ण भाव पर उपज बेचने का अवसर मिलेगा। किसान कांग्रेस के इस प्रयास को किसानों की बड़ी जीत के रूप में देखा जा रहा है।
