बड़वानी में नर्मदा किनारे अवैध रेत उत्खनन का बड़ा खेल, प्रशासन पर उठे सवाल…

बड़वानी में नर्मदा किनारे अवैध रेत उत्खनन का बड़ा खेल, प्रशासन पर उठे सवाल…

पिपलूद–बड़दा क्षेत्र में पोकलेन से खुदाई, डंपरों से हो रहा परिवहन; मेधा पाटकर ने कार्रवाई नहीं होने पर जताई नाराजगी

बड़वानी || ता. 12 जुलाई 2026 || (समीर शेख)-:
जिला मुख्यालय से महज 10 किलोमीटर दूर नर्मदा नदी के किनारे ग्राम पिपलूद–बड़दा क्षेत्र में बड़े पैमाने पर अवैध रेत उत्खनन और परिवहन का मामला सामने आया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पोकलेन मशीनों से नदी में खुदाई कर बड़ी संख्या में डंपरों के माध्यम से प्रतिदिन रेत का परिवहन किया जा रहा है, लेकिन संबंधित विभाग और प्रशासन इस पर प्रभावी कार्रवाई करता नजर नहीं आ रहा।

गौरतलब है कि कुछ समय पूर्व कांग्रेस जिला अध्यक्ष सहित पार्टी के कई कार्यकर्ताओं ने अवैध रेत उत्खनन के संबंध में कथित साक्ष्यों के साथ कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की थी। हालांकि अब तक इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई है, जिससे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

इस मुद्दे पर मेधा पाटकर ने भी प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि नर्मदा नदी में हो रहे अवैध उत्खनन को रोकने में प्रशासन विफल रहा है तथा न्यायालय और एनजीटी (राष्ट्रीय हरित अधिकरण) के दिशा-निर्देशों की लगातार अनदेखी की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रतिदिन ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और डंपरों के माध्यम से बड़ी मात्रा में अवैध रेत का परिवहन हो रहा है।

वहीं, जब इस संबंध में खनिज विभाग के अधिकारी से चर्चा की गई तो उनका कहना था कि क्षेत्र का खनन तीन वर्ष के टेंडर के तहत है, लेकिन वर्तमान में किस स्थान पर खनन किया जा रहा है, इसकी उन्हें जानकारी नहीं है। अधिकारी के इस बयान के बाद विभाग की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं।

स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर अवैध उत्खनन में संलिप्त लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि नर्मदा नदी के पर्यावरण और प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

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