BEO मनोज मराठे के निलंबन के प्रस्ताव के बाद जयस का चार दिवसीय धरना समाप्त…
बड़वानी/निवाली || ता. 22 अगस्त 2026 || (समीर शेख)-: बड़वानी जिले के निवाली तहसील कार्यालय के मुख्य गेट पर जयस कार्यकर्ताओं द्वारा पिछले चार दिनों से चलाया जा रहा धरना शुक्रवार को समाप्त हो गया। जनजातीय कार्य विभाग की ओर से निवाली विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) मनोज मराठे के निलंबन का प्रस्ताव भेजे जाने के बाद जयस कार्यकर्ताओं ने अपना आंदोलन समाप्त किया।
सेंधवा विधायक मोंटू सोलंकी ने बताया कि मनोज मराठे के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर पिछले चार दिनों से युवाओं और जयस कार्यकर्ताओं द्वारा प्रदर्शन किया जा रहा था। प्रशासन की ओर से शुक्रवार को मनोज मराठे के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई का प्रस्ताव भेजे जाने की जानकारी दी गई, जिसके बाद धरना समाप्त किया गया।
विधायक मोंटू सोलंकी ने इसे आदिवासी समाज की जीत बताते हुए कहा कि यह संघर्ष न्याय की मांग को लेकर किया गया था और प्रशासन द्वारा कार्रवाई की दिशा में कदम उठाना समाज की जीत है।
क्या है मामला
जनजातीय कार्य विभाग की ओर से जारी पत्र के अनुसार, 16 जुलाई 2024 को सेंधवा ग्रामीण थाने में एक आपराधिक प्रकरण दर्ज किया गया था। पुलिस ने मामले में आत्महत्या के लिए उकसाने से संबंधित धारा 306, 34 तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया था।
पुलिस ने मनोज मराठे को 10 अगस्त 2024 को गिरफ्तार किया था। इसके बाद न्यायालय के आदेश पर उन्हें न्यायिक हिरासत में बड़वानी केंद्रीय जेल भेजा गया था। पुलिस ने मामले की जांच पूरी करने के बाद 16 नवंबर 2024 को विशेष न्यायालय, बड़वानी में चालान प्रस्तुत किया। वर्तमान में यह प्रकरण विशेष न्यायालय में विचाराधीन है।
निलंबन का प्रस्ताव भेजा गया
जनजातीय कार्य विभाग द्वारा मध्य प्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम 9 का हवाला देते हुए बताया गया कि भ्रष्टाचार, नैतिक पतन से जुड़े आपराधिक मामलों में अभियोजन की स्वीकृति के बाद जब शासकीय कर्मचारी के विरुद्ध न्यायालय में चालान प्रस्तुत हो जाता है, तो निलंबन का प्रावधान है।
सहायक आयुक्त रंजना सिंह के अनुसार, इसी प्रावधान के आधार पर जनजातीय कार्य विभाग, बड़वानी की ओर से मनोज मराठे को निलंबित किए जाने का प्रस्ताव शुक्रवार को भेजा गया है। प्रस्ताव की प्रतिलिपि बड़वानी कलेक्टर और संभाग आयुक्त को भी भेजी गई है।
निलंबन के प्रस्ताव के बाद जयस कार्यकर्ताओं ने चार दिन से जारी धरना समाप्त कर दिया। आंदोलन समाप्त होने के साथ ही प्रशासन और प्रदर्शनकारियों के बीच चल रहा गतिरोध भी फिलहाल खत्म हो गया है।
