सेंधवा बॉर्डर पर मवेशी वाहनों से अवैध वसूली का आरोप, आदिवासी विकास परिषद ने दी आंदोलन की चेतावनी…
सेंधवा/बड़वानी || दि. 28 मई 2026 || {समीर शेख}-: मध्य प्रदेश–महाराष्ट्र सीमा से लगे सेंधवा क्षेत्र में मवेशियों से भरे वाहनों से कथित अवैध वसूली का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। मध्य प्रदेश आदिवासी विकास परिषद (युवा प्रभाग) के जिला अध्यक्ष राहुल सोलंकी ने पुलिस के नाम पर सीमा पार कराने के एवज में अवैध वसूली किए जाने का गंभीर आरोप लगाते हुए प्रशासन और सरकार को कटघरे में खड़ा किया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि मामले में निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई नहीं की गई, तो परिषद द्वारा सेंधवा एसडीओपी कार्यालय का घेराव किया जाएगा।
राहुल सोलंकी ने आरोप लगाया कि महाराष्ट्र के सांगवी और मध्य प्रदेश के सेंधवा बॉर्डर क्षेत्र में मवेशी वाहनों से प्रति वाहन लगभग 3 हजार रुपये की कथित “एंट्री फीस” वसूली जा रही है। उनका दावा है कि वाहन चालकों के बयान और वीडियो साक्ष्यों के आधार पर पुलिस का नाम लेकर कुछ लोग इस नेटवर्क को संचालित कर रहे हैं। परिषद का आरोप है कि इस मार्ग से प्रतिदिन बड़ी संख्या में मवेशी वाहनों का आवागमन होता है, जिससे लाखों रुपये की अवैध वसूली की आशंका जताई जा रही है।


###विधायक की टीम ने 9 वाहन पकड़े जाने का दावा…
क्षेत्रीय विधायक मोंटू सोलंकी की टीम द्वारा हाल के दिनों में कथित अवैध गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई किए जाने का भी दावा किया गया है। परिषद के अनुसार, 27 और 28 मई को कुल 9 मवेशी वाहनों को पकड़कर संबंधित पुलिस चौकियों एवं थानों को सौंपा गया। इनमें बिजासन चौकी, सेंधवा ग्रामीण थाना और बालसमंद चौकी क्षेत्र शामिल बताए गए हैं।
भाजपा सरकार पर लगाए गंभीर आरोप…
राहुल सोलंकी ने इस मुद्दे को राजनीतिक रंग देते हुए भाजपा सरकार की नीतियों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि एक ओर गौ संरक्षण की बात की जाती है, वहीं दूसरी ओर कथित रूप से मवेशियों की तस्करी और अवैध कारोबार पर प्रभावी रोक नहीं लग पा रही है। उन्होंने इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की।
सामाजिक कार्यकर्ताओं को डराने का आरोप
परिषद ने आरोप लगाया कि अवैध गतिविधियों के खिलाफ आवाज उठाने वाले सामाजिक कार्यकर्ताओं और युवाओं पर दबाव बनाया जा रहा है। राहुल सोलंकी का कहना है कि विरोध करने वालों के खिलाफ झूठे प्रकरण दर्ज करने और प्रशासनिक कार्रवाई की धमकी देने जैसे प्रयास किए जा रहे हैं।
###डिजिटल साक्ष्य होने का दावा..
आदिवासी विकास परिषद ने दावा किया है कि उनके पास कथित अवैध वसूली से जुड़े वीडियो, ऑनलाइन लेन-देन के स्क्रीनशॉट और वाहन चालकों के बयान उपलब्ध हैं, जिन्हें प्रशासन के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।
राहुल सोलंकी ने कहा कि यदि मामले में शीघ्र और निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई, तो परिषद ग्रामीणों और युवाओं के साथ मिलकर सेंधवा एसडीओपी कार्यालय का घेराव करेगी। हालांकि, इन आरोपों की प्रशासनिक स्तर पर आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस या संबंधित अधिकारियों का पक्ष सामने आने के बाद स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।
