विश्व आदिवासी दिवस की तैयारियों को लेकर झापडी पाडला में विशेष बैठक संपन्न….

विश्व आदिवासी दिवस की तैयारियों को लेकर झापडी पाडला में विशेष बैठक संपन्न….

जल, जंगल, जमीन की सुरक्षा, पेसा-वन अधिकार कानून के प्रभावी क्रियान्वयन और सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन पर हुआ मंथन

सेंधवा/बड़वानी || 05 अगस्त 2026 || (समीर शेख)-: आगामी 9 अगस्त विश्व आदिवासी दिवस के भव्य एवं ऐतिहासिक आयोजन की तैयारियों को लेकर ग्राम पंचायत झापडी पाडला में बुधवार को विशेष बैठक आयोजित की गई। बैठक में झापडी पाडला, पलाशपानी, राजगढ़, पिल्यागोई, पाजरिया और कामोंद वाडा सहित आसपास के कई गांवों से बड़ी संख्या में समाजजन, युवा, वरिष्ठ नागरिक एवं सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हुए।

बैठक में विश्व आदिवासी दिवस के आयोजन की रूपरेखा, सामाजिक एकजुटता, संवैधानिक अधिकारों की रक्षा तथा समाज में व्याप्त कुरीतियों के उन्मूलन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक को संबोधित करते हुए जयस सेंधवा ब्लॉक अध्यक्ष एवं मध्य प्रदेश आदिवासी विकास परिषद (युवा प्रभाग) बड़वानी जिलाध्यक्ष राहुल सोलंकी ने कहा कि विश्व आदिवासी दिवस केवल सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि आदिवासी समाज के अधिकारों, अस्मिता और संवैधानिक संरक्षण के प्रति जनजागरण का अवसर है। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय विधायक मोंटू सोलंकी के मार्गदर्शन में इस वर्ष का आयोजन व्यापक जनभागीदारी के साथ किया जाएगा, ताकि समाज की एकता और जागरूकता का सशक्त संदेश दिया जा सके।

बैठक में जल, जंगल और जमीन से जुड़े मुद्दों पर विशेष रूप से चिंता व्यक्त की गई। वक्ताओं ने कहा कि आदिवासी समाज को उनकी पारंपरिक भूमि और प्राकृतिक संसाधनों से बेदखल किए जाने की घटनाओं को रोकने के लिए कानूनी और सामाजिक स्तर पर संगठित प्रयास आवश्यक हैं। इसके लिए पेसा कानून (PESA Act) और वन अधिकार अधिनियम-2006 (Forest Rights Act) के प्रभावी क्रियान्वयन, ग्राम सभाओं को अधिक सशक्त बनाने तथा सामुदायिक एवं व्यक्तिगत वन अधिकारों के दावों को मजबूती से शासन के समक्ष रखने पर जोर दिया गया।

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि संविधान की पांचवीं अनुसूची के तहत आदिवासी क्षेत्रों को प्राप्त अधिकारों के प्रति ग्रामीणों को जागरूक किया जाएगा। साथ ही बिना ग्राम सभा की सहमति के किसी भी प्रकार के भूमि अधिग्रहण का लोकतांत्रिक एवं कानूनी तरीके से विरोध करने की रणनीति तैयार की जाएगी। भूमि विवादों एवं बेदखली के मामलों में प्रभावित परिवारों को तत्काल कानूनी सहायता उपलब्ध कराने के लिए युवाओं और विधि विशेषज्ञों की टीम गठित करने पर भी चर्चा हुई।

सामाजिक सुधार के मुद्दों पर भी बैठक में गंभीर मंथन किया गया। समाज में व्याप्त दहेज प्रथा, फिजूलखर्ची और अन्य सामाजिक कुरीतियों को समाप्त करने के लिए विश्व आदिवासी दिवस के मंच से व्यापक जनजागरण अभियान चलाने का निर्णय लिया गया। वक्ताओं ने कहा कि ऐसी कुरीतियां गरीब परिवारों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ डालती हैं, इसलिए समाज को इनके विरुद्ध सामूहिक संकल्प लेना होगा।

बैठक में शिवराम ठाकुर, छोटू जाधव, लक्की, मेंहताब ठाकुर, कांतिलाल सोलंकी, शांतिलाल तरोले, कृपाल दुदावे, कमल ठाकुर, सावन जाधव सहित क्षेत्र के अनेक वरिष्ठ समाजसेवी, बुद्धिजीवी एवं युवा कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

बैठक के अंत में विधायक मोंटू सोलंकी एवं समाज के वरिष्ठजनों के आह्वान पर 9 अगस्त को आयोजित होने वाले विश्व आदिवासी दिवस महासम्मेलन में हजारों की संख्या में उपस्थित होकर कार्यक्रम को ऐतिहासिक और सफल बनाने का संकल्प लिया गया।

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